मुनि श्री भूतबलि सागर जी महाराज के समाधि दिवस पर अस्पताल में फल वितरण
पिड़ावा। शहर में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा मुनि श्री भूतबलि सागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस अत्यंत भक्ति भाव और सेवा कार्यों के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने उप जिला अस्पताल व वृद्ध आश्रम पहुँचकर मरीजों की सेवा की और फल वितरित कर महाराज जी के चरणों में अपनी विनयांजलि अर्पित की।
श्रवण विहार संघ और नवयुवकों की अनुकरणीय पहल
महाराज जी के समाधि दिवस के उपलक्ष्य में श्रवण विहार संघ के सभी सदस्यों ने सुबह 11 बजे स्थानीय उप जिला अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर सेवा कार्य का शुभारंभ किया। इस पुनीत कार्य में समाज के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मानव सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म बताया।
मुकेश जैन मिर्चीवाले और श्रद्धालु परिवारों का सहयोग
इस विशेष सेवा प्रकल्प का आयोजन मुकेश जैन मिर्चीवाले, रोमिल जैन, यश जैन सपरिवार की ओर से किया गया। श्रद्धालु परिवार ने श्रवण विहार संघ, इष्टमित्रों के सहयोग से उप जिला अस्पताल के वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को फलों व शीतल पेयजल भेंट की। उनके चेहरे की मुस्कान और आशीर्वाद पाकर सभी श्रद्धालु अभिभूत नजर आए।
पुण्य कार्य के बने साक्षी
समाज के वरिष्ठ जनों ने बताया कि मुनि श्री भूतबलि सागर जी महाराज का जीवन संयम और करुणा का मार्ग था। उनके समाधि दिवस पर इस तरह के सेवा कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के भाई और श्रावक मौजूद रहे, जिन्होंने इस पुण्य कार्य में अपना सहयोग दिया और मानवता की सेवा का संकल्प दोहराया।
📱 पिड़ावा टाइम्स विशेष: सेवा ही परमो धर्म:
आध्यात्मिक संदेश: संतों की समाधि हमें नश्वरता और सेवा का पाठ पढ़ाती है।
सामुदायिक एकता: ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और परोपकार की भावना सुदृढ़ होती है।